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Monday, April 13, 2026

मैं हिंदू हूँ

मैं हिंदू हूँ, मैं कहता हूँ

तुम मुझको क्या बाँटोगे

हम पहले से ही बँटे हुए हैं

पाखंड के चार घरानों में

 

एक घराना मन का है

दूजा मेरे तन का है

तीजा सिर्फ अल्फ़ाज़ बना,

चौथा शव-दान का है

 

द्वार खड़े नंदी ने बोला

कब तक ढोंग रचाओगे

मेरा भगवन नहीं उठेगा

ऐसे गीत जो गाओगे

 

दिखावा छोड़ो, काम करो

मूर्ति नहीं, इंसान बनो

छूट तुम्हें है चुनने की

तुम दुष्ट बनो या ज्ञान बनो

 

और मैं कहता हूँ, पाप करो

हर रण में अपना नाम करो

जब थक जाओ अपनों से हारे

तब गंगा में स्नान करो

 

मैं हिंदू हूँ, मैं कहता हूँ

 

— siva

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